ह्यूमन ग्रोथ हॉर्मोन

By | October 27, 2019

ह्यूमन ग्रोथ हॉर्मोन

आज हम बात करेंगे ह्यूमन ग्रोथ हॉर्मोन और इसे हम सोमाटोट्रोपीन भी कहे सकते हैँ .

ग्रोथ हॉर्मोन का काम होता बॉडी मे जो भी पार्टी बढ़ सकता है उसे बढ़ाता है .

मेन्टल डेवलपमेंट मे ग्रोथ हॉर्मोन असर नहीं डालता है .

तो चलिए अब जानते हैँ ग्रोथ हॉर्मोन मेटाबोलिक फंक्शन क्या है .

इसकी मेटाबॉलिसिम फंक्शन मे पहले प्रोटीन एनबोलिसिम को प्रमोट करता है और प्रोटीन कैटबोलिसिम को रिटार्ड करता है .यह एनबोलिसिम और केटबॉलिसिम ऊपर नॉलेज आजायेगा पूरा वीडियो देखिये .

दूसरा है लिपिड्स यह फेट को तोड़ेगा और जिसके बजहसे आप फेट्स एनर्जी लेना शुरू करदे .

देखिये यदि आप बॉडी मे अच्छी फैट्स की कमी होंगी तो आपका प्रोटीन एनर्जी के रूप मे काम करेगा .जो की बॉडी की ग्रोथ केलिए अच्छी बात नहीं है .

मे आपको ऊपर बताया था प्रोटीन केटाबोलिसिम इसका काम यही होता की प्रोटीन को एनर्जी मे कन्वर्ट करदेता है .

तीसरा आया कार्बोहायड्रेट मेटाबॉलिसिम इसे समझने केलिए आपको कुछ बात जानना है .
देखिये आपके ब्लड मे 70मिलीग्राम% ग्लूकोज़ रहना चाहिए .इसका जरुरत है आपके बॉडी मे जो न्यूरॉन्स होतें हैँ यह एनर्जी सोर्स की तहत ग्लूकोज़ को उपयोग करती है .और एक बात पर ध्यान दे यदि आप इस मेन्टेन नहीं करते हैँ तो बॉडी प्रोटीन को कन्वर्ट करना सुरु करदेगी .

ऐसा होगा ग्रोथ पर बुरा ऐसा आएगा .

और अंदर जायेंगे तो वीडियो बहूत बड़ा होजायेगा .इसीतरह वीडियो बनाना चाहिए तोह मुझे बातये. तोह चलिए टॉपिक के ऊपर बात करते है .

ग्रोथ हॉर्मोन सोने के पहले 2 घंटे के अंदर रिलीज़ होता है .देखिये छोटा बचा 2-3 घंटा सो जाता है फिर से उठता है फिर से सोजाता है .और उनका ग्रोथ बहूत अच्छा होता है .

ग्रोथ हॉर्मोन की दो तरह की सिक्रीसोंन होता है एक हाइपो जिसका मतलब कम और दूसरा है हाइपर .

ज़्यादा सिक्रीसोंन होने का कारण एसिडोफिल ट्यूमर होता है .यदि यह चाइल्डहुड मे होता है तो इसे giantagym कहा जाता है . और यह यदि एडल्ट मे होता है तो इससे आपका हाइट नहीं बढ़ेगा आपका width बढ़ेगा .इसे acromegaly कहते है .

हाइपो जो है वह एडल्ट के टाइम पे काम होजाता है 18 के आस पास मे काम होजाता है .यदि यह चाइल्डहुड का होजाता है तो इसे दुअरफीसिम कहते है .

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